SEO क्या है और Search Engine Optimization कैसे करते हैं?

SEO क्या है और Search Engine Optimization कैसे करते हैं? - ऐसे सवाल आपको कहीं न कहीं बहुत परेशान करते होंगे क्योंकि बहुत कम जगह ऐसी हैं जहां आपको इस विषय के बारे में पूरी और सही जानकारी मिलती है। इसलिए अगर आप भी इन सवालो के जवाब ढूंढ रहे हैं, तो इस पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहिए। क्योंकि इस पोस्ट के अंदर हम आपके हर उस छोटे-बड़े प्रश्न का उत्तर देने की कोशिश करेंगे जो seo के बारे में आपके मन मे चल रहे हैं।

अगर आपको Seo की नॉलेज है, तो आप स्वयं ही अपने ब्रांड या फिर अपनी वैबसाइट की रैंकिंग Search Engine में सुधार सकते हैं। इस पोस्ट में हम seo के कुछ basics भी कवर करेंगे जिससे आप यह समझ पाएँ की seo आपके बिज़नस को कैसे प्रभावित करता है और अच्छे परिणाम पाने के लिए आपको क्या क्या करना पड़ेगा।

What is SEO in hindi
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SEO की परिभाषा


SEO क्या है? – SEO का मतलब है Search Engine Optimization, SEO का मतलब है अपनी वैबसाइट को कुछ इस तरह से Optimize करना की आप अपनी वैबसाइट के ऊपर Search Engine result पेज से organic और फ़्री traffic ला पाएँ।

दूसरे शब्दों मे SEO का मतलब है अपनी वैबसाइट के डिज़ाइन और कंटैंट में कुछ ऐसे बदलाव करना की आप search Engine में अपनी वैबसाइट को और ज़्यादा आकर्षक दिखा सकें। आप ऐसा इसलिए करते हैं जिससे search engine आपकी website को Search Engine result पेज के अंदर top पर दिखा सके।

Search Engine Marketing दिखने में जितनी कठिन लगती है उतनी वास्तव मैं नहीं है, इसके लिए हमें search engine को समझना पड़ेगा। हमें यह समझना पड़ेगा की search engine कैसे काम करता है। अगर हम यह समझने मैं कामयाब हो जाते हैं तो फिर हम उससे अपने हिसाब से काम करने में भी सफल हो सकते हैं।

Search Engine कैसे काम करता है?


Search engine अपने यूजर्स को best service प्रदान करना चाहता है। इसका मतलब है search engine pages के ऊपर वो result दिखाना जो न सिर्फ high quality के हों बल्कि साथ ही साथ जो searcher ढूँढना चाहता है उसके हिसाब से, उसके अनुकूल भी हों।

ऐसा करने के लिए search engine अलग अलग वैबसाइट को स्कैन करता है, crawl करता है। ये समझने के लिए की वैबसाइट किस बारे मैं है। यह उसको apne यूजर्स को उसकी सर्च के अनुकूल परिणाम दिखाने में मदद करता है।

इसी तरह से search engine यह भी scan करता है की वैबसाइट के ऊपर लिखे कंटैंट को पढ़ पाना, उसे navigate कर पाना कितना आसान है। और जब उसे लगता है की कोई साइट यूजर फ्रेंडली है तो वह उसे टॉप पर rank कर देता है।

इसलिए अगर आप चाहते हैं की आपका कंटैंट सही लोगों तक पहुंचे और search engine results में दिखाई दे तो आपको उसके लिए SEO करना पड़ेगा।

SEO को प्रभावित करने वाले Factors


अब अगर आप ये समझ चुके हैं की SEO किसे कहते हैं और यह कैसा काम करता है, अब आप ये सोच रहे होंगे की मैं seo marketing कैसे कर सकता हूँ। या फिर सरल शब्दों में कहें तो मैं Search Engine Optimization कैसे कर सकता हूँ?

हकीकत तो यह है की SEO Marketing वास्तव में काम करती है और अगर अच्छे से की जाये तो आपको बहुत बेहतर परिणाम भी दे सकती है।

अब यह देखते हैं की कौन कौन से ऐसे फ़ैक्टर्स हैं जो seo को प्रभावित करते हैं ? ये सारे फ़ैक्टर्स On-page और Off-page सारे फ़ैक्टर्स से मिलकर बनाए गए हैं।  जिनके बारे मैं हम एक-एक करके बात करेंगे।

On-page और Off-page SEO को प्रभावित करने वाले factors


1. Content मार्केटिंग


सबसे पहले जो factor आता है वो है आपका कंटैंट, Content आपकी audience को आपके साथ बांधकर  रखने में और search engines को attract करने में हमेश बहुत ज़्यादा महत्वपूर्ण होता है ।

जितना ज़्यादा अच्छा और relevant कंटैंट आप अपनी वैबसाइट के ऊपर लिखोगे उतना ज़्यादा आप search engine द्वारा search engine results page में ऊपर rank कराये जाओगे। इसी तरह से जितना ज़्यादा आकर्षक और दमदार content आपकी वैबसाइट के ऊपर होगा, visitors आपकी वैबसाइट के ऊपर उतनी ज़्यादा देर देर रुकेंगे और हो सकता है वो आपकी ऑफर की गयी किसी सर्विस को खरीद भी लें।

यहाँ कुछ content के प्रकार दिये गए हैं जिनहे आप अपने content की quality को सुधारने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • Blog Post और Articles
  • सोश्ल मीडिया कंटैंट
  • ई-बूक और व्हाइटपेपर्स
  • हाऊ- टू गाइड और टूटोरियल्स
  • विडियो और आडियो रीकार्डिंग्स
  • इन्फोग्राफिक्स या अन्य विजुएल कंटैंट

अपनी वैबसाइट के ऊपर content लिखते समय हमेशा SEO Keywords या phrases को जरूर ध्यान में रखें। ये वो शब्द होते है जो कोई भी यूजर search engine में अपने किसी भी प्रश्न का उत्तर ढूंढते वक़्त लिखता है। ये keywords आपके कंटैंट को उस query के आधार पर rank करने मे मदद करते हैं।

दूसरा factor जो search engine के अंदर आपकी ranking के ऊपर प्रभाव डाल सकता है वह है आपके कंटैंट की freshness।  आपका कंटैंट जितना ज़्यादा unique और फ्रेश होगा उतना जल्दी और ऊपर रैंक होगा।

2. On-Page SEO


  • On-Page SEO एक ऐसा factor है जिसके ऊपर आपका पूरा कंट्रोल होता है। जिसे ठीक करने के लिए या फिर मजबूत करने के लिए आपको समय के साथ साथ मेहनत करनी पड़ती है। यहाँ कुछ चीज़ें दी गयी हैं, जिनहे आप on-page seo करते वक़्त ध्यान रख सकते हैं और follow कर सकते हैं।

  • टाइटल टैग :- हर पगे का टाइटल टैग search engine को ये बताता है की पोस्ट किस बारे में है। आपका टाइटल टैग आपके focusing keywords और आपके business name को मिलाकर 70 characters या उससे कम का होना चाहिए।

  • मेटा description :- आपके वैबसाइट का मेटा description search engine को थोड़ा और डीटेल में ये बताता है की आपका वैबसाइट या पोस्ट किस बारे में है। ये आपके human visitors द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता है, ये समझने के लिए की आपका कंटैंट किस बारे में है। इसमे आपके keywords होने चाहिए और इसमे वो सारी डिटेल्स होनी चाहिए जो यूजर को ये बता सके की आपका वैबसाइट किस बारे में है।

  • सब- हैडिंग्स :- ना सिर्फ सब-हेडिंग आपके विजिटर्स के लिए आपके कंटैंट को पढ़ने मे आसान बनाती है बल्कि साथ ही साथ ये आपके SEO को भी improve करता है। आप इसके अंदर H1, H2, और H3 टैग्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे आप search engine को अपना कंटैंट अच्छे से समझा सकें।

  • इंटरनल लिंक्स :- अपनी वैबसाइट के दूसरे contents के इंटरनल लिंक्स या हाइपरलिंक्स बनाने से आपकी वैबसाइट के बारे में सर्च –एंजन को समझने में आसानी होती है।

  • इमेज नेम और आल्ट-टैग्स :- अगर आप अपनी पोस्ट के अंदर इमेज इस्तेमाल करते हैं तो अगर आप उनके अंदर टाइटल टैग और आल्ट टैग में अपने keywords डालते हैं तो इससे जब भी कोई image सर्च करता है तो गूगल आपके images को रैंक कराता है। जिससे लोग आपके वैबसाइट पर आपके images के द्वारा पहुँच सकते हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें :-


हमेशा On-page seo करते वक़्त और अपने पोस्ट में अपने keywords इस्तेमाल करते वक़्त आपको एक चीज़ का ध्यान रखना है की आप उनका ज़्यादा इस्तेमाल न करें क्योंकि अगर आप ज़्यादा keywords इस्तेमाल करते हैं तो ये आपके SEO को और बिगाड़ सकता है इसलिए इस बात का धय अवश्य रखें की अपने पोस्ट में Keyword-Stuffing ना करें। keywords जहां जरूरी हों वहीं इस्तेमाल करें।

3. Off-Page SEO


On-page SEO की तरह आप Off-page को उतना control नहीं कर सकते लेकिन Off-page SEO भी आपकी ranking को बहुत ज़्यादा प्रभावित करता है। नीचे कुछ तरीके दिये गए हैं जिनहे इस्तेमाल करके आप अपने Off-page seo को भी कंट्रोल कर सकते हैं।

  • Backlinks :- अगर आप गूगल को ये विश्वास दिला दें की आपका कंटैंट बिलकुल सही है और यूजर आपकी वैबसाइट के ऊपर ट्रस्ट कर सकता है तो गूगल आपकी वैबसाइट को बड़ी आसानी से search rankings में टॉप पर rank करा सकता है। ऐसा करने के लिए आपके अपनी वैबसाइट के लिए ज़्यादा से ज़्यादा बैकलिंक्स बनाने हैं।

Backlinks क्या होते हैं और Backlinks कैसे काम करते हैं :- यहाँ से पढ़ें

  • सोश्ल मीडिया :- अगर आपका पोस्ट सोश्ल मीडिया के ऊपर ज़्यादा से ज़्यादा शेयर होता है और जब गूगल के crawlers सोश्ल मीडिया वैबसाइट को crawl करते हैं तो उन्हे आपकी वैबसाइट मिलते है जिससे गूगल को आपकी वैबसाइट के बारे में पता चलता है इसलिए जितना ज़्यादा platforms के ऊपर हो सके अपनी वैबसाइट के कंटैंट को शेयर कीजिये।

SEO क्या है और Search Engine Optimization कैसे करते हैं? – कुछ अंतिम शब्द


अब जब आप ये जान ही चुके हैं की SEO क्या है और इसे कैसे करते हैं, तो अब मैं आशा करता हूँ की आप इन सभी बताए गए तरीको का इस्तेमाल करके search engine के अंदर अपनी रैंकिंग्स को सुधार सकते हैं।

एक चीज़ हमेशा ध्यान रखें की ऐसे बहुत से फ़ैक्टर्स हो सकते है जो आपकी रैंकिंग को इफैक्ट कर सकते हैं पर सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण बात ये है की क्या आपका कंटैंट आपकी audience के relevant (आवश्यकता अनुसार) है ?

ये बात हमेशा याद रखें की Search Engine अपना असर दिखने में समय लेता है। आप एक ही दिन में SEO का असर नहीं देख सकते। बल्कि कभी कभी तो इसका असर दिखाई देने में महीने भी लग जाते हैं। 

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